2026 में सेक्सेक्स और निफ्टी के बढ़ने के 5 कारण
नमस्कार दोस्तों, नया साल शुरू होते ही दलाल स्ट्रीट ने बता दिया कि मूड बदल चुका है। शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। सेंसेक्स 573.41 अंक यानी 0.67% चढ़कर 85,762.01 पर बंद हुआ और निफ्टी 182 अंक यानी 0.70% की तेजी के साथ 26,328.55 पर क्लोज हुआ। मतलब साफ है यह सिर्फ एक नॉर्मल ग्रीन डे नहीं यह सेंटीमेंट में बड़े शिफ्ट का संकेत है और अब हर निवेशक जानना चाहता है कि 2026 में तेजी के बड़े कारण क्या-क्या हो सकते हैं। पहला बड़ा कारण ग्लोबल बाजारों से पॉजिटिव संकेत। एशियाई बाजारों में मजबूती और ओवरऑल ग्लोबल टोन पॉजिटिव रहे तो इंडियन मार्केट को सपोर्ट मिलता है क्योंकि रिस्क ऑन सेंटीमेंट विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशकों का कॉन्फिडेंस बढ़ाता है। 2 जनवरी 2026 को भी ग्लोबल सेंटीमेंट सपोर्टिव रहा और उसी का असर ओपन से लेकर क्लोज तक दिखाई दिया। दूसरा कारण लार्ज कैप शेयरों में खरीदारी की वापसी। जब मार्केट में अनिश्चितता रहती है तो पैसा पहले लार्ज कैप की क्वालिटी और लिक्विडिटी में जाता है और लार्ज कैप में मजबूत बाइंग पूरे इंडेक्स को ऊपर खींच लेती है। इसी वजह से कई बार मिड कैप स्माल कैप से पहले इंडेक्स में रैली दिखती है और फिर ब्रेड्थ धीरे-धीरे फैलती है। तीसरा बड़ा कारण डीआईआई का मजबूत सपोर्ट। जब घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी करते हैं तो मार्केट को एक फ्लोर मिलता है और बिकवाली का प्रेशर काफी हद तक अब्सॉर्ब हो जाता है। 2 जनवरी की तेजी में भी घरेलू सपोर्ट को एक अहम वजह माना जा रहा है और यही 2026 में भी ट्रेंड बना रहा तो बाजार को ताकत देता रहेगा। चौथा कारण रुपए में स्थिरता या मजबूती। करेंसी अगर बहुत तेजी से कमजोर होती है तो बाजार में डर बढ़ता है। खासकर इंपोर्ट डिपेंडेंट सेक्टर्स और विदेशी फ्लो के नजरिए से। लेकिन जब रुपया कंट्रोल में रहता है तो महंगाई और कैपिटल आउटफ्ल् का डर कम होता है और इक्विटी के लिए माहौल बेहतर रहता है। पांचवा बड़ा कारण ऑटो शेयरों में शानदार उछाल। ऑटो का मूड अक्सर कंजमशन और ग्राउंड लेवल डिमांड का संकेत देता है। इसीलिए सेल्स नंबर, डिलीवरी ट्रेंड और मैनेजमेंट कमेंट्री आते ही ऑटो में तेज मूव बनता है। 2 जनवरी 2026 को भी ऑटो, पावर, बैंकिंग, मेटल जैसी जगहों पर खरीदारी दिखी जिसने रैली को चौड़ा बेच दिया। अब 2026 के लिए हाई एनर्जी टेक अवे क्या है? अगर ग्लोबल संकेत सपोर्टिव रहे, लार्ज कैप में बाइंग बनी रहे, डीआईआई का इनफ्लो मजबूत रहे, रुपया कंट्रोल में रहे और कंजमशन लिंक्ड सेक्टर्स में ट्रिगर्स आते रहें तो तेजी का ढांचा मजबूत बन सकता है। लेकिन याद रखिए हर रैली में उतार-चढ़ाव आता है। इसीलिए रणनीति में डिसिप्लिन और रिस्क मैनेजमेंट सबसे बड़ा हथियार है। अगर आपको ऐसी ही हाई एनर्जी, डिटेल्ड और आसान भाषा में मार्केट रिपोर्ट रोज चाहिए तो वीडियो को लाइक कीजिए। अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए और चैनल को अभी सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि 2026 की हर बड़ी चाल आप तक सबसे पहले पहुंचे।
